ब्लॉग-राग: ब्लॉग ना लिखने के बहाने
ब्लॉग-राग में आज “मेरा पन्ना” की एक ब्लॉग-पोस्ट की चर्चा.
अक्सर देखते है कि सक्रिय से सक्रिय ब्लॉगर भी कभी कभी ब्लॉगिंग से दूर हो जाते है। दूर क्या होते है जनाब एकदम विरक्ति की स्थिति को प्राप्त हो जाते है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि कभी ऐसे ब्लॉगरों से उनके ब्लॉगर मित्र जब चैट पर, उनकी असक्रियता की वजह पूछते है तो वो क्या जवाब देते है?
अब दूसरों की क्या कहे, हम स्वयं भुक्तभोगी है इसलिए हमने इस विषय पर कुछ गम्भीर रिसर्च की है। आप सभी के साथ हम ये रिसर्च पेपर शेयर कर रहे है, ताकि असक्रिय ब्लॉगरों को बहाने ढूंढने के लिए मेहनत ना करनी पड़े। तो जनाब पेश है ब्लॉग ना लिखने के बहाने, इसमे जो भी बहाना आपको सूट करे, अपनाइए, कोई कॉपीराइट नही है।
- आजकल काफी व्यस्त चल रहे है।
- कुछ दिनो के लिए बाहर चला गया था।
- बच्चों के इम्तिहान चल रहे है।
- घर का कम्प्यूटर/इंटरनैट कनैक्शन खराब हो गया था।
- एक प्रोजेक्ट की डैडलाइन है, उसके बाद ब्लॉगिंग करेंगे।
- अगले हफ़्ते से जरुर करेंगे।
- अगले महीने से जरुर करेंगे।
- अरे यार! कल्लू मामा अपना कुकुर हमारे हवाले कर गए है, उसकी सेवा मे टाइम निकल जाता है।
- लच्छो ताई अपनी बिल्ली……
- घर बदल रहे है
- ब्लॉगिंग करते करते ऑफिस मे धर लिए गए थे, इसलिए आजकल नयी नौकरी ढूंढ रहे है।
- यार बहुत ब्लॉगिंग हो गयी थी, थोड़ा आराम कर लें।
- अब रोज रोज क्या वही बकवास लिखे। कुछ क्लासिक सा घटित हो तब लिखेंगे।
- अरे यार जिस दिन वो (क्लासिक) घटना हुई ना, उस दिन हम ……..(ऊपर के कोई बहाने तलाश लें)
- लोगों से झूठी तारीफ सुनते सुनते थक गए थे, इसलिए थोड़ा ब्रेक लिया है।
- आत्मचिंतन चल रहा है।
- लोगों की आलोचनाओं से दु:खी हो गए थे।
- कोई पढता तो था नही, लिखकर भी क्या तीर मार लेते।
- विषयों का टोटा है।
- आने वाली टिप्पणी और ब्लॉगिंग मे लगने वाले समय का अनुपात ठीक नही बैठ रहा था।
- बहुत दिनो से मिर्जा से मिलना नही हुआ।
- इतने सारे विषय है, सोच नही पा रहे किस पर लिखे।
- लोग बाग हमारे आइडिया चोरी कर ले गए है।
- सारे विषय ही बांसी हो गए है।
- कब तक एक ही शराब को नयी नयी बोतलों में पैक करके परोसें?
- और भी गम है जमानें मे ब्लॉगिंग के सिवाए।
- बीबी ने ब्लॉग पढ लिया था, इसलिए दुकान बढानी पड़ी।
- बॉस ने भी ब्लॉगिंग शुरु कर दी थी, अब एक मोहल्ले मे एक ही रहेगा ना।
- ऑफिस मे सबको ब्लॉगिंग का रोग लग गया था, हैड-आफिस ने ब्लॉगिंग करने पर बैन लगा दिया है।
- यार इधर बाजे बजे पड़े है और तुमको ब्लॉगिंग की सूझ रही है।
- रेसेशन के दौर मे नौकरी सम्भाले या ब्लॉगिंग का शौंक?
- शादी नही हो रही….इसलिए ब्लॉगिंग बन्द की है।
- शादी हो गयी है…..इसलिए ब्लॉगिंग बन्द करनी पड़ी।
- बीबी मायके गयी है, इसलिए ब्लॉगिंग……
- बीबीजी मायके से वापस आ गयी है इसलिए…….
- यार गूगल एडसेंस से काफी पैसे कमा लिए थे, इसलिए अब बस….
- यार कोई कमाई वगैरहा तो हो नही रही थी , इसलिए….
- यार लोगों को लिंक टिकाते टिकाते थक गया था, लिंक टिकाने पर बदनामी मिली सो अलग।
- हम कोई कवि तो है नही जो हर घन्टे मे लिखे।
- हम क्लासिक लेखक है, कभी कभी ही लिखते है।
- यार पिछले महीने नामी पत्रकार पर लिख दिया था, लोगों ने झंडे दिखा दिए और हमारा जलूस निकाल दिया, इतनी जलालत नही सहनी…..
- लोगॊं ने मेरा लिखा दिल पर लगा लिया, इसलिए….
- लोगो ने मेरा लिखा मजाक मे उड़ा दिया, इसलिए…
- जाओ नही लिखते, क्या उखाड़ लोगे?
- Jitendra Chaudhary
http://www.jitu.info/merapanna
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जितेन्द्र जी , बहुत खूब . ब्लॉग न लिखने के बहाने पढ़कर मजा आ गया …..
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