ताज़ा-ताज़ा »
[5 Comments | 7,253 views]
कैसे बनाएं अपना ब्लॉग?
आज के इस दौर में अपनी बात को दूसरों तक पहुँचाने का सबसे आसान माध्यम ब्लॉग है, जिसे हिंदी में “चिटठा” भी कहा जाता है. ब्लॉग बनाना बहुत आस…
Read more articles...

देश-दुनिया »

दो गज़ ज़मीं भी न मिली! हमेशा खुश और उर्जा से भरा रहने वाला वो इन्सान सिर्फ इस बात से दुखी था कि उस का अपना प्यारा देश उस से छूट गया। मकबूल फिदा हुसैन भारत छोडने और अपने देश दोबा…

ब्लॉग-राग »

[5 Comments | 7,253 views]
कैसे बनाएं अपना ब्लॉग? आज के इस दौर में अपनी बात को दूसरों तक पहुँचाने का सबसे आसान माध्यम ब्लॉग है, जिसे हिंदी में “चिटठा” भी कहा जाता है. ब्लॉग बनाना बहुत आस…

साहित्य »

[7 Comments | 2,498 views]
बाप का रिश्ता   पिता का प्यार मां के बाद ही आंका जाता है पिता का स्थान भी मां के बाद ही आता है। मां के पैरों तले ही तो जन्नत भी होती है बाप के दिल से होके उसका रस्ता ज…

विचार-मंच »

उंगल-चिन्ह के निशानः ‘‘क्या मानव यह समझ रहा है कि हम उसकी हड़डियों को एकत्रित न कर सकेंगे ? क्यों नहीं ? हम तो उसकी उंगलियों के पोर õ पोर तक ठीक बना देने का प्रभुत्व रखते हैं।…

व्यंग्य »

व्यंग्य: लादेन ‘जी‘ का अपमान हमारी भारतीय संस्कृति में ‘जी’ शब्द को काफी सम्मानजनक स्थान प्राप्त है। हमें जिस किसी को भी सम्मान से संबोधित करना होता है उसके नाम के आगे हम ‘जी’ जो…