हमेशा खुश और उर्जा से भरा रहने वाला वो इन्सान सिर्फ इस बात से दुखी था कि उस का अपना प्यारा देश उस से छूट गया। मकबूल फिदा हुसैन भारत छोडने और अपने देश दोबा…
पिता का प्यार मां के बाद ही आंका जाता है
पिता का स्थान भी मां के बाद ही आता है।
मां के पैरों तले ही तो जन्नत भी होती है
बाप के दिल से होके उसका रस्ता ज…
‘‘क्या मानव यह समझ रहा है कि हम उसकी हड़डियों को एकत्रित न कर सकेंगे ? क्यों नहीं ? हम तो उसकी उंगलियों के पोर õ पोर तक ठीक बना देने का प्रभुत्व रखते हैं।…